आज सुबह कुछ अलग-सी लगी,हवा में आज़ादी की खुशबू जगी।हर गली, हर चौक, हर पहचान,तिरंगे में सजा मेरा हिंदुस्तान। काग़ज़ नहीं, ये संकल्प बना,संविधान से हर सपना पला।न्याय की राह, समानता की डोर,बंधे हुए हैं हम सब एक छोर। किसान की मेहनत, सैनिक की शान,शिक्षक का विश्वास, मजदूर की जान।इन सब से मिलकर देश बना,हर दिल में भारत बोल उठा। तिरंगा जब ऊँचा लहराता है,हर सीना गर्व से भर जाता है।न भाषा अलग, न जात महान,भारत है जब इंसान-इंसान। गणतंत्र केवल दिन नहीं,ये रोज़ निभाने की कहानी कहीं।हक़ से पहले कर्तव्य रखें,तभी देश के सपने सच्चे दिखें। आओ मिलकर ये वचन निभाएँ,भारत को हर दिन बेहतर बनाएँ।दिल में रखकर देश का मान,मनाएँ गणतंत्र — हर पल, हर स्थान। Bolatee kalambolateekalam.com
वसंत पंचमी
पीली-पीली धूप खिली,धरती ने ली अंगड़ाई।ठंडी हवा अब मुस्काई,वसंत ने दस्तक दी आई। सरसों हँसी खेतों में,फूलों ने रंग बिखेरे।हर कोना गुनगुनाया,सपनों ने पंख पसारे। वीणा की मधुर तान संग,आई माँ सरस्वती।ज्ञान, कला और बुद्धि से,भर दे जीवन की थाती। टूटी शीत की चुप्पी अब,मन में जगी तरंग।हर दिल ने यह मान लिया,आया खुशियों का रंग। वसंत पंचमी सिखलाए,हर दिन नया सवेरा।सीखते रहें, बढ़ते रहें,यही है जीवन का फेरा। Bolatee kalambolateekalam.com
Swami Vivekananda
हिमालय की गोद से निकली,एक तेज़ उजली सी वाणी थी,न भय था उसमें, न झिझक कोई,बस सत्य की गहरी कहानी थी। ना सुख की चाह, ना यश का लोभ,ना सत्ता का कोई आकर्षण,वह जाग्रत आत्मा था भारत की,जिसका लक्ष्य था आत्म-जागरण। “उठो, जागो” का मंत्र दिया,सोई चेतना को स्वर मिला,कमज़ोर समझे गए मनुष्यों को,अपने भीतर ईश्वर दिखा। मंदिर ढूँढे नहीं पत्थरों में,आत्मा में ईश्वर को पहचाना,सेवा को साधना बताया उसने,दरिद्र नारायण को भगवान माना। समुद्र लांघ कर विश्व को बताया,भारत का प्राचीन ज्ञान,जहाँ हर प्राणी में एक ही आत्मा,जहाँ प्रेम है सबसे बड़ा सम्मान। आज भी उसकी वाणी गूँजती है,हर युवा के सपनों में कहीं,विवेकानंद सिर्फ़ नाम नहीं,वह शक्ति है—जो सोने नहीं दे कहीं। Bolatee kalambolateekalam.com
Motivational Shayari
1.ज़िंदगी ने सिखाया है एक ही सबक बार-बार,हार वही मानता है, जो रुक जाए बीच मझधार। 2.थक कर बैठ जाना मंज़िल का रास्ता नहीं,जो चलते रहते हैं, वही इतिहास बनाते हैं कहीं। 3.हर सुबह एक नया मौका लेकर आती है,बस उठकर कोशिश करो, ज़िंदगी साथ निभाती है। 4.आज दर्द है तो कल ताक़त बनेगा,जो सह लेता है हालात, वही आगे बढ़ेगा। 5.छोटे-छोटे कदम भी बड़ा सफ़र तय करते हैं,जो खुद पर भरोसा रखे, वही सपने पूरे करते हैं। 6.किस्मत को कोसने से कुछ बदलता नहीं,मेहनत की आग से ही मुक़द्दर पिघलता है कहीं। 7.अंधेरे से डरने वालों को रोशनी नहीं मिलती,जो चलते हैं अकेले, वही अपनी पहचान बनाते हैं सही। 8.ज़िंदगी आसान नहीं होती, ये सच है,पर जो मुस्कुरा कर लड़े, वही सबसे अलग है। 9.ख़ुद से जीत जाओ तो सब जीत लिया,डर को हराया तो पूरा जहां जीत लिया। 10.आज जो मुश्किल है, वही कल कहानी बनेगी,हिम्मत मत हारो, ज़िंदगी फिर मुस्कुराएगी। Bolatee kalambolateekalam.com
देखा एक ख्वाब
पहले–पहले प्यार का ,अजब सा इज़हार हुआ,आंखों आंखों में, न जाने कब इकरार हुआ। आंखों से दिल तक रास्ता ,पता न चला कब पार हुआ,तू ही मेरा ख़्वाब बन बैठा, और एक दिन साकार हुआ। “देखा एक ख़्वाब”, तुझे अपनी सुनहरी धूप बनाने की ,कच्चीउम्र में सच्ची सी, आशा थी तेरे दिल में बस जाने की। तू ही प्रश्न तू ही उत्तर , तू ही हर कहानी का सार हुआ,तू ही मेरा ख्वाबू बन बैठा ,और एक दिन साकार हुआ। बालीउमर के उस प्रेम का, किस्मत ने कराया पाणिग्रहण,प्रीत की डोर से बंध गए, समक्ष अग्नि के हुआ गठबंधन। अनमोल तू तेरा साथ अनमोल, तू ही जीवन का आधार हुआ,तू ही मेरा ख़्वाब बन बैठा ,और एक दिन साकार हुआ। Bolatee kalambolateekalam.com
Shayari
1.कभी मुस्कुराकर बात किया करते थे,आज खामोशी भी बोझ लगती है,तुम्हारी कमी कुछ यूँ खलती है,कि हर खुशी अधूरी लगती है। 2.हमने चाहा था उम्र भर साथ निभाना,पर किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था,जिसे जान से ज़्यादा चाहा हमने,वही सबसे ज़्यादा दूर था। 3.तुम्हारे बाद कोई अपना सा नहीं लगा,हँस तो लेते हैं हम,पर दिल से कभी हँसे ही नहीं। 4.वो कहते थे कभी छोड़कर नहीं जाएंगे,आज हाल ये है किहम पूछें तो पहचानने से भी इंकार करते हैं। 5.तुम्हारी यादों से अब लड़ते हैं हम,हर रात टूटते हैं,और हर सुबह खुद को फिर से जोड़ते हैं। 6.प्यार किया था कोई सौदा नहीं,फिर भी हार गए हम,शायद निभाना हमें आता नहीं। 7.हमने तो बस तुम्हें चाहा था,बदले में कुछ नहीं मांगा,पर तुमने हमें ऐसे छोड़ा,जैसे कभी जाना ही नहीं। 8.आज भी तुम्हारा नाम सुनते ही,दिल रुक सा जाता है,शायद मोहब्बत कभीपूरी तरह खत्म नहीं होती। 9.कभी जो सुकून था तुम्हारी बातों में,आज वही बातें दर्द बनकरदिल में उतर जाती हैं। 10.हम आज भी तुम्हारे इंतज़ार में हैं,फर्क बस इतना है,अब उम्मीद नहीं, सिर्फ यादें हैं। Bolatee kalambolateekalam.com
Birthday Shayari
तेरी हंसी हो जैसे फूलों की खुशबू,तेरी जिंदगी में हो हर ख्वाब पूरा,जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं,तू सदा रहे खुश, बस यही है दुआ। आज का दिन है ख़ास तेरे लिए,सपने तेरे साकार हों नए,खुश रहे तू हर पल, हर एक दिन,सुख-शांति हो तेरे संग सदा के लिए। तेरी हर दुआ हो मंज़िल तक पहुँचती,तेरे हर कदम पर खुशियाँ बिछती,जन्मदिन के इस खास दिन पर,तू सदा रहे खुश, यही दुआ है हमारी। तेरे जन्मदिन पे ये दुआ है हमारी,सपने तेरे हो पूरे हर एक नयारी,खुश रहो तुम सदा हंसी के साथ,तेरे चेहरे पे हो रोशनी हर रात। खुशियाँ तेरे कदमों में हो बिखरी,तेरी मुस्कान से हर दिन हो हसीन,जन्मदिन के इस दिन पे हम दुआ करें,तेरी जिंदगी हो कभी ना उदास, हमेशा रंगीन। तेरी हंसी हो जैसे मधुर गीत,तेरी जिंदगी में हो हर खुशी की रीत,खुश रहो तुम हमेशा यूं ही,जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं, दिल से। तेरी ज़िंदगी में हो रंगों की बारिश,तेरी राहें हों कभी न खाली,सपने तेरे हों हर एक साकार,जन्मदिन पे ये दुआ, हर खुशियाँ हो तुझ पर। हर साल आए खुशियों की सौगात,तेरी ज़िंदगी हो सदा महकती रात,जन्मदिन पर बस यही है दुआ,तू सदा रहे खुश, और कभी न हो उदास। Bolatee kalambolateekalam.com
New Year Shayari 2026
1.नया साल आया है, तो सोचा पुरानी थकान को दरवाज़े पर ही छोड़ दूँ,हर परेशानी को अलविदा कहकर अपने सपनों से एक नई दोस्ती जोड़ दूँ।इस साल बस इतना इरादा है मेरा—जो भी खोया है, उससे बेहतर पाना है, और जो पाया है, उसे संभालना है। 2.साल बदलने से अगर किस्मत नहीं बदलती,तो इरादे वो बदल डालो जो तुम्हें पीछे रोकते हैं।नए साल में बस इतना याद रखना—तू वही है, बस अपनी सोची हुई हदों को पार कर जाने का वक़्त नया है। 3.चलो इस नए साल को थोड़ी देर ठहरकर महसूस करते हैं,पिछली परेशानियों को मुस्कुराकर अलविदा कहते हैं।जो सपने सालों से दिल में धड़क रहे थे,अब उन्हें हकीकत की धूप दिखाने का मौसम आया है। 4.नया साल सिर्फ तारीखें नहीं बदलता,कई ज़ख्मों को भी मरहम दे जाता है।इस बार खुद को इतना मजबूत बनाना हैकि तकदीर भी पूछे—“कौन है ये जो हर मुश्किल को मुस्कुराकर जीत जाता है!” 5.कैलेंडर का पन्ना क्या बदला,दिल में उम्मीदों का मेले लग गए।हर सुबह ने नए सपने दिए,हर रात ने नयी दुआएँ जगाएँ।इस साल, रब से सिर्फ एक ही गुज़ारिश है—मेरी मेहनत को मंज़िल की ख़ुशबू मिले। 6.नया साल आया है तो सोचा खुद को ही नया कर लूँ,लोग क्या सोचते हैं ये छोड़कर,जो मैं सोचता हूँ वही करना शुरू कर दूँ।इस बार दिल की सुनी है—और दिल ने कहा है कि अब डरना छोड़, चमकना शुरू कर। 7.इस साल की पहली सुबह कुछ कहती सी लगी—“चल उठ, जो राहें कल तक धुंधली थीं,उन्हें आज खुद की रोशनी से रोशन कर।तेरे सपने छोटे नहीं,बस तू अब तक खुद को कम समझता रहा।” 8.पिछला साल दुःख भी दे गया, सीख भी दे गया,और उन सीखों ने मुझे और मजबूत बना दिया।अब इस नए साल में वादा है—अपने हर कदम को सोच समझकर रखना है,और हर जीत को दिल से महसूस करना है। Bolatee kalambolateekalam.com
ख्वाबों का वो घर
मैंने देखा था एक ख्वाब,जब मेरा अपना घर होगा,तो पक्का नहीं…एक कच्चा-सा प्यारा घर होगा । जिसकी छत पर छप्पर हो,दीवारों में बड़ी-बड़ी झिरकियां हों,पति संग जब चली ,मिला सपनों का घर जैसा मैने चाहा । सपनों में था कच्चा घर, छप्पर ऊपर छाँव,साजन संग कट जाएँ, जीवन के सब घाव। झिरकी से बरसात को, नैनन देखत जाएं,टप-टप गिरती बूँद में, मन मधुबन मुस्काएं। मैंने चाहा बिल्कुल वो, सरल सुहाना द्वार,ईंटों में भी प्यार था, मिट्टी में भी इकरार । मायका छोड़ चली जब, दिल में था संकोच,सपनों जैसा घर मिला, बदली जीवन-ओट। प्रियतम का वह प्रेम , ससुराल की वह छाँह,मीठे पलों की महक में, भर गया हर माह। देहरी पर बैठी मैं, संग हवा के बोल,सपनों की दुनिया में था, साजन मेरा अनमोल ।। Bolatee kalambolateekalam.com
वंदे मातरम्
तोड़ पुरानी जंजीरों को आज नया इतिहास लिखें,गर्म लहू की धाराओं से राष्ट्रभूमि का श्रृंगार करें ।मिट्टी से उपजे मिट्टी को ही बलिहार करें,देश की खातिर मिट जाने का कर ले तू आचरण ।। मातरम् ।। ये मिट्टी है बलिदान की किसान और जवान की,तन को आज रंगा कर इसमें सर ऊंचा अभिमान करें ।मिट्टी के कण कण से उठते देशप्रेम का गुणगान करें,बच्चा बच्चा देशभक्ति का ओढ़े अब आवरण ।। मातरम् ।। मिट्टी में ममता मां की इंसान खेलता गोद में इसकी,मल मल के रज कण जिस्म से मिल शत्रु से संग्राम करें ।मैं सपूत मैं रखवाला झुका शीश मिट्टी को प्रणाम करें,सुदृढ़ सशक्त छबि हो ऐसी कर न सके कोई आक्रमण ।। मातरम् मातरम् वंदे मातरम् वंदे मातरम् ।। Bolatee kalambolateekalam.com